मैंने ये कब कहा आजादी नही है।इस देश में
है न साहब आजादी।
आजादी कोई भी नियम कानून न मानने की।
आजादी गन्दगी मचाने की।
आजादी सड़कों पर तेज गाड़ी चलाकर हीरो बनने की।
आजादी है सडक पर लड़कियाँ छेढने की।
आजादी है दादागीरी करने की।
आजादी है भ्रष्टाचार करने की।
आजादी है जात पात करने की।
आजादी है रेल की पटरिया उखाड्ने की।
आजादी है 10-10 बच्चे पैदा करने की।
आजादी है हर बात से पल्ला झाडने की।
इन सब आजदियों का हर एक भारतीयों का जन्मसिद्ध अधिकार है।और इनका भरपूर फायदा लेते रहेगें।
अब साहब बात करें उस आजादी की जो नही है तो किसकी
आजादी नही अपने विधायक सांसदों से सवाल करने की।
आजादी नही है बिना रिश्वत दिए अप्ना काम कराने की।
आजादी नही है पोलिस कम्प्लेन कराने की।
आजादी नही है सही समय पर न्याय पाने की।
आजादी नही है नेताओं से अपना काम कराने की।
कैसा आदमी आ जाये हिंदुस्तान वालों को
सुधारना बडा मुश्किल है।
15 अगस्त 1947
ध्यान से देखो इस तारीख को जिस दिन देश को आजादी मिली थी पर क्या सही मायनो में वो आजादी थी आज के समय पर हम शान से कहते है कि हम एक आजाद देश है पर क्या सही में हम आजाद है।
जब भी में ये सवाल उठाता हूँ लोग मुझे टुकडे टुकडे गैंग से जोड देते है।
अरे भाइयों में उस तरह की आजादी की बात नही कर रहा। मैं सही समय पर न्याय कि आजादी,विदेशी कम्पनी ने मचा रखी लूट से आजादी गरीबी से,आजादी
भ्रष्टाचार से,आजादी अपराध मुक्त समाज से आजादी पहले देश को गोरे अंग्रेजों ने लूटा और आज देश को काले अंग्रेज लूट रहे है।मेरी आजादी का सही मतलब
मेरे भारत का सही मतलब ये है जहाँ राम राज्य है वही भारत है माना आने में समय लगेगा पर कोशिश करने में क्या बुराई है।
सोच बदलो तभी बदलाव आयेगा।
है न साहब आजादी।
आजादी कोई भी नियम कानून न मानने की।
आजादी गन्दगी मचाने की।
आजादी सड़कों पर तेज गाड़ी चलाकर हीरो बनने की।
आजादी है सडक पर लड़कियाँ छेढने की।
आजादी है दादागीरी करने की।
आजादी है भ्रष्टाचार करने की।
आजादी है जात पात करने की।
आजादी है रेल की पटरिया उखाड्ने की।
आजादी है 10-10 बच्चे पैदा करने की।
आजादी है हर बात से पल्ला झाडने की।
इन सब आजदियों का हर एक भारतीयों का जन्मसिद्ध अधिकार है।और इनका भरपूर फायदा लेते रहेगें।
अब साहब बात करें उस आजादी की जो नही है तो किसकी
आजादी नही अपने विधायक सांसदों से सवाल करने की।
आजादी नही है बिना रिश्वत दिए अप्ना काम कराने की।
आजादी नही है पोलिस कम्प्लेन कराने की।
आजादी नही है सही समय पर न्याय पाने की।
आजादी नही है नेताओं से अपना काम कराने की।
कैसा आदमी आ जाये हिंदुस्तान वालों को
सुधारना बडा मुश्किल है।
15 अगस्त 1947
ध्यान से देखो इस तारीख को जिस दिन देश को आजादी मिली थी पर क्या सही मायनो में वो आजादी थी आज के समय पर हम शान से कहते है कि हम एक आजाद देश है पर क्या सही में हम आजाद है।
जब भी में ये सवाल उठाता हूँ लोग मुझे टुकडे टुकडे गैंग से जोड देते है।
अरे भाइयों में उस तरह की आजादी की बात नही कर रहा। मैं सही समय पर न्याय कि आजादी,विदेशी कम्पनी ने मचा रखी लूट से आजादी गरीबी से,आजादी
भ्रष्टाचार से,आजादी अपराध मुक्त समाज से आजादी पहले देश को गोरे अंग्रेजों ने लूटा और आज देश को काले अंग्रेज लूट रहे है।मेरी आजादी का सही मतलब
मेरे भारत का सही मतलब ये है जहाँ राम राज्य है वही भारत है माना आने में समय लगेगा पर कोशिश करने में क्या बुराई है।
सोच बदलो तभी बदलाव आयेगा।

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