आज का प्रश्न है कि भारत कैसे बनेगा आने वाले वर्षों में सुपर पावर?
जो वर्तमान स्थिति भारत कि है उससे तो अगले 500 सालों में भी हम सुपर पावर नहीं बन पाएंगे।
चलो एक विश्लेषण हम करते है कि क्या कमियां है जिससे हमारी सुपर पावर बनने में समस्या आ सकती हैं।सबसे अच्छी बात ये है कि हम विश्व कि सबसे तेज विकसित होती हुई अर्थव्यवस्था हैं। लेकिन हमारे यहाँ बेरोजगारी, जनसँख्या वृद्धि, अपराध, भ्रष्टाचार, जैसी समस्या ज्यादा है अगर देखा जाये तो इन सारी समस्याओ की एक ही जड़ है। वो है हमारी शिक्षा व्यवस्था।
हमारी शिक्षा व्यवस्था 70 सालों से जस कि तस है। लेकिन न ही इससे रोजगार मिले है न ही लोग इससे जागरूक हुए है। जिससे जनसँख्या वृद्धि भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।तो हमें इस 70 सालों से चल रही पुरानी और बेकार शिक्षा व्यवस्था को इसके आधार से बदलना होगा। क्यों कि शिक्षा किसी देश कि अर्थव्यवस्था का आधार होती है। क्यों वही रोजगार पैदा करती है और लोगो को राष्ट्र के प्रति और कानून के प्रति जागरूक करती है। लेकिन भारत में बिलकुल उल्टा है लोग पहले कानून तोड़ते है अगर आप उनको बोलो कि ये गलत काम है आपको भी शायद दो गालिया देते होंगे उदाहरण के तोर पर यातायात के नियमों का उलंघन करते हुए लोगों को खूब देखा होगा। और शायद अपने भी किया होगा।और इंटरनेट का जो सही उपयोग भी इसी के चलते हमारे देश में नहीं हो पा रहा है। क्योंकि सोशल मीडिया के अलावा हमें ये तक नही पता इन्टरनेट बना कहाँ औऱ इसके अन्य उपयोग भी होते हैं। अगर ऐसा होता तो चीन की तरह हमारा भी एक सर्च इंजन औऱ सोशल मीडिया प्लेटफार्म होता। पर यहाँ लोग कैसे अविष्कार करेंगें पहले आरक्षण लेते है फिर पूरी कामचोरी। काश इस सिस्टम ने इन चीज़ों के प्रति हमें जागरूक किया होता तो काफी समस्याएं खत्म हो चुकी होती।और देश का युवा नशा,अपराध ,गैर क़ानूनी काम न करता।एक काम इस सिस्टम ने 70सालों में सही किया है।हमें नौकरशाही का गुलाम जरूर बना दिया है।क्यों कि ये सिस्टम अंग्रेजो ने बनाया था जिसके आज तक हम गुलाम है तो अगर देश को बदलना है इस सिस्टम को बदलना पडेेगा। जो ऐसे दोगले चरित्र वाले लोगो के देश में संभव नहीं है।
सोच बदलो देश बदलो तभी एक बदलाव आएगा
नीचें कमेन्ट बाँक्स में अपनी राय जरूर दें।
जय हिन्द धन्यवाद
जो वर्तमान स्थिति भारत कि है उससे तो अगले 500 सालों में भी हम सुपर पावर नहीं बन पाएंगे।
चलो एक विश्लेषण हम करते है कि क्या कमियां है जिससे हमारी सुपर पावर बनने में समस्या आ सकती हैं।सबसे अच्छी बात ये है कि हम विश्व कि सबसे तेज विकसित होती हुई अर्थव्यवस्था हैं। लेकिन हमारे यहाँ बेरोजगारी, जनसँख्या वृद्धि, अपराध, भ्रष्टाचार, जैसी समस्या ज्यादा है अगर देखा जाये तो इन सारी समस्याओ की एक ही जड़ है। वो है हमारी शिक्षा व्यवस्था।
हमारी शिक्षा व्यवस्था 70 सालों से जस कि तस है। लेकिन न ही इससे रोजगार मिले है न ही लोग इससे जागरूक हुए है। जिससे जनसँख्या वृद्धि भी प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।तो हमें इस 70 सालों से चल रही पुरानी और बेकार शिक्षा व्यवस्था को इसके आधार से बदलना होगा। क्यों कि शिक्षा किसी देश कि अर्थव्यवस्था का आधार होती है। क्यों वही रोजगार पैदा करती है और लोगो को राष्ट्र के प्रति और कानून के प्रति जागरूक करती है। लेकिन भारत में बिलकुल उल्टा है लोग पहले कानून तोड़ते है अगर आप उनको बोलो कि ये गलत काम है आपको भी शायद दो गालिया देते होंगे उदाहरण के तोर पर यातायात के नियमों का उलंघन करते हुए लोगों को खूब देखा होगा। और शायद अपने भी किया होगा।और इंटरनेट का जो सही उपयोग भी इसी के चलते हमारे देश में नहीं हो पा रहा है। क्योंकि सोशल मीडिया के अलावा हमें ये तक नही पता इन्टरनेट बना कहाँ औऱ इसके अन्य उपयोग भी होते हैं। अगर ऐसा होता तो चीन की तरह हमारा भी एक सर्च इंजन औऱ सोशल मीडिया प्लेटफार्म होता। पर यहाँ लोग कैसे अविष्कार करेंगें पहले आरक्षण लेते है फिर पूरी कामचोरी। काश इस सिस्टम ने इन चीज़ों के प्रति हमें जागरूक किया होता तो काफी समस्याएं खत्म हो चुकी होती।और देश का युवा नशा,अपराध ,गैर क़ानूनी काम न करता।एक काम इस सिस्टम ने 70सालों में सही किया है।हमें नौकरशाही का गुलाम जरूर बना दिया है।क्यों कि ये सिस्टम अंग्रेजो ने बनाया था जिसके आज तक हम गुलाम है तो अगर देश को बदलना है इस सिस्टम को बदलना पडेेगा। जो ऐसे दोगले चरित्र वाले लोगो के देश में संभव नहीं है।
सोच बदलो देश बदलो तभी एक बदलाव आएगा
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जय हिन्द धन्यवाद

Right thinking and good work keep it up pandey ji
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